आकर्षक ब्लॉग ग्रह, उपग्रह, और ब्रह्माण्ड विज्ञान के बारे में तक्षशिला और नालंदा विश्व विद्यालयों को अग्नि की भेंट कर वो कहते हैं तुम अज्ञानी होपश्चिम की शिक्षा को ही कल्याण का मार्ग समझाया जाता हैसत्य हम जानते हैंहमें यह नहीं, विश्व गुरु की शिक्षा चाहिए- तिलक संपादक युगदर्पण. 9911111611, 9999777358.

बिकाऊ मीडिया -व हमारा भविष्य

: : : क्या आप मानते हैं कि अपराध का महिमामंडन करते अश्लील, नकारात्मक 40 पृष्ठ के रद्दी समाचार; जिन्हे शीर्षक देख रद्दी में डाला जाता है। हमारी सोच, पठनीयता, चरित्र, चिंतन सहित भविष्य को नकारात्मकता देते हैं। फिर उसे केवल इसलिए लिया जाये, कि 40 पृष्ठ की रद्दी से क्रय मूल्य निकल आयेगा ? कभी इसका विचार किया है कि यह सब इस देश या हमारा अपना भविष्य रद्दी करता है? इसका एक ही विकल्प -सार्थक, सटीक, सुघड़, सुस्पष्ट व सकारात्मक राष्ट्रवादी मीडिया, YDMS, आइयें, इस के लिये संकल्प लें: शर्मनिरपेक्ष मैकालेवादी बिकाऊ मीडिया द्वारा समाज को भटकने से रोकें; जागते रहो, जगाते रहो।।: : नकारात्मक मीडिया के सकारात्मक विकल्प का सार्थक संकल्प - (विविध विषयों के 28 ब्लाग, 5 चेनल व अन्य सूत्र) की एक वैश्विक पहचान है। आप चाहें तो आप भी बन सकते हैं, इसके समर्थक, योगदानकर्ता, प्रचारक,Be a member -Supporter, contributor, promotional Team, युगदर्पण मीडिया समूह संपादक - तिलक.धन्यवाद YDMS. 9911111611: :
Showing posts with label शिक्षक. Show all posts
Showing posts with label शिक्षक. Show all posts

Monday, July 11, 2016

शिक्षक, राष्‍ट्र के भविष्‍य निर्माता

शिक्षक राष्‍ट्र के भविष्‍य निर्माता हैं
शिक्षको का सम्‍मान होना चाहिए : जावड़ेकर 

Image result for जावड़ेकरअपने गुरूओं के प्रति आभार व्‍यक्‍त करते हुए और राष्‍ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका पर बल देते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने रविवार को पुणे फरगुसन कॉलेज में आयोजित एक समारोह में शिक्षाविदों और शिक्षकों को सम्‍मानित किया। ‘गुरू प्रणाम’ समारोह में उन्‍होंने कहा कि अपने शिक्षकों को सम्‍मानित करते हुए मैं पूरे देश के शिक्षकों को प्रणाम करता हूं। 
अपने जीवन को मूल्‍यवान बनाने में अपने गुरूओं की भूमिका का स्मरण दिलाते हुए जावड़ेकर ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे शिक्षा को रुचिकर बनाये और इसे घसीटने वाला न बनाये। 
उन्‍होंने कहा कि शिक्षक भारतीय शिक्षा में परिवर्तन ला सकते हैं। सरकार शिक्षकों की योग्‍यता में विश्‍वास करती है। देश में अनेक शिक्षक परिवर्तन लाने का काम कर रहे है, किन्तु सभी शिक्षकों को इस मिशन में शामिल होना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि यदि शिक्षक दृढ़ है, तो वे गुणवत्‍ता सम्‍पन्‍न शिक्षा सुनिश्चित कर सकते है। जावड़ेकर ने कहा कि शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की जाएगी और उनका दायित्‍व निर्धारित किया जाएगा। 
उन्‍होंने कहा कि महाराष्‍ट्र में गोपाल कृष्‍ण गोखले, बी.आर. अम्‍बेडकर, महात्‍मा फूले, गोपाल गणेश अगरकर, लोकमान्‍य तिलक, महर्षि कर्वे, कर्मवीर भाउराव पाटिल तथा पंजाबराव देशमुख जैसे सुधारक हुए है, जिन्‍होंने शिक्षा पर बल दिया। जावड़ेकर ने कहा कि शिक्षकों को विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने के लिए प्रोत्‍साहित करना चाहिए। 
शिक्षा प्रणाली के परिवर्तन में शिक्षकों की भूमिका का उदाहरण देते हुए जावड़ेकर ने मध्‍यप्रदेश के सतना जिले के पालदेव गांव के बारे में अपने अनुभव को बताया। इस गांव के स्‍कूल की 12वीं कक्षा का परिणाम केवल 28 % था। जब इस गांव को सांसद आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत गोद लिया गया, तो जावड़ेकर ने सभी शिक्षकों को विश्‍वास में लेते हुए उन्‍हें प्रेरित किया। इसका परिणाम ये हुआ कि सात माह में उर्तीण होने का % 28 से 82 हो गया। शिक्षकों के उत्‍साह से परिणाम बदल सकते हैं। मानव संसाधन विकास मंत्री ने विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि शिक्षक शिक्षा की गुणवत्‍ता में सुधार के मिशन में उत्‍साह से भाग लेंगे। 
समारोह में जावड़ेकर ने महाराष्‍ट्र शिक्षा सोसाइटी के पी.एल. गावड़े, जानेमाने लेखक डी.एम.मि रासदर, प्रख्‍यात वैज्ञानिक डॉक्‍टर आर.ए.माशेलकर, शिक्षाविद शरद वाग, पी.सी.सेजवालकर, दादा पुतमबेरकर, डॉक्‍टर एस.एन नवलगुंडकर और डॉक्‍टर वानी को सम्‍मानित किया। 
हमें, यह मैकाले की नहीं, विश्वगुरु की शिक्षा चाहिए।
आओ, जड़ों से जुड़ें, मिलकर भविष्य उज्जवल बनायें।।- तिलक